Transformer

प्रश्न 1 –क्या  ट्रांसफार्मर को दिष्ट धरा (DC) पर प्रगोग किया जा सकता  है ?
उतर- ट्राँसफार्मर को दिष्ट धारा पर नहीं लगाया जा सकता । यदि ट्रांसफार्मर की  प्राथमिक कुण्डलन( winding ) को दिष्ट धारा से सम्बद्ध कर दिया जाये तो कुण्डलन में फ्लक्स तो उत्पन्न होगा लेकिन वह बढ़ेगा-घटेगा नहीं बल्कि अपरिवर्तनशील (unchanged) रहेगा तथा इसी कारण  द्वितीय कुण्डलन में कोई वि० वा० बल प्रेरित नहीं होगा (सप्लाई का स्विच खोलते समयथोड़ी देर के अलावा) । इस प्रकार दिष्ट धारा वोल्टता को ट्राँसफार्मर की सहायता से घटाया-बढ़ाया नहीं जा सकता। इसके विपरीत ट्राँसफार्मर को दिष्ट धारा वोल्टता से जोड़ने पर क्षति पहुँच सकती है। क्योंकि ऐसा करने से ट्रॉसफार्मर के प्राथमिक कुण्डलन में कोई पश्चगामी (lagging) वि० वा० बल प्रेरित नहीं होगा जिसके कारण प्राथमिक कुण्डलन प्रदाय (Supply) से अधिक मात्रा में धारा लेकर गर्म हो जायेगी तथा प्राथमिक कुण्डलन जल जायेगी

 प्रश्न ट्रॉंसफार्मर का निर्धारण (rating) सदैव KVA (किलो वोल्ट ऐम्पियर में लिखा जाता हैजबकि मोटरों का K.W. या H.P में कारण दीजिये।
उत्तर- इसका कारण यह है कि ट्राँसफार्मर का शक्ति गुणक (power factor) सदैव उस पर लगी मशीनों या अन्य लोड पर निर्भर करता है जबकि प्रेरण मोटरों (इंडक्शन मोटर )का निर्धारण सदैव K.W. या H.P में लिखा जाता है क्योंकि उनका शक्ति गुणक स्वयं उनके अपने लोड पर निर्भर करता है |

 प्रश्न 3-क्या टाँसफार्मर निर्धारित वोल्टता पर निर्धारित आवृत्ति से उच्च  या  निम्न आवृत्ति पर चलाया जा सकता है ?
| उत्तर- ट्राँसफार्मर को निर्धारित आवृत्ति से उच्च आवृत्ति पर चलाया जा सकता हैलेकिन इस स्थिति में क्रोड(core) में फ्लक्स घनत्व कम होगा तथा चुम्बकन धारा भी कम होगीइससे उच्च आवृत्ति पर समान KVA आउट आउट  के लिये ट्रॉसफार्मर का भार कम तथा आकार छोटा कर सकते है
     इसके विपरीत ट्राँसफार्मर को निर्धारित वोल्टता पर निर्धारित अवृत्ति से कम आवृत्ति पर नहीं चलाना चाहिये । निम्न आवृत्ति पर क्रोड अति संतृप्त हो जायेगाजिससे चुम्बकन धारा अत्यधिक हो जायेगी तथा इस प्रकार लोह हानियाँ बढ़ जायेगी,क्रोड अधिक गर्म होकर कुण्डलन( WINDING) तक को जला देगी  
      इसके लिये यदि कभी आवृत्ति की कमी करना चाहें तो उसी अनुपात में प्रयुक्त वोल्टता को भी कम करना चाहिये ताकि फ्लक्स घनत्व समान रहे । ऐसी स्थिति में लोह हानियाँ समान होगी लेकिन वोल्टता कम होने पर ट्राँसफार्मर की आउटपुट भी घट जायेगी।





  •  विशेष  प्रकार के ट्रांसफार्मर  ,जिनके बारे में आपको जरुर जानना चाहिए 



  • DC  मोटर स्टार्टर  (DC मोटर  को कैसे स्टार्ट  किया जाता है ? )



  • संक्षिप्त प्रश्नोत्तर
     प्रश्न 1. ट्रांसफार्मर के बारे में आप क्या समझते हैं।
     उत्तर - यह स्थिर रहने वाली एक मशीन है जो वोल्टेज को कम या अधिक करने के काम आती है।
    प्रश्न 2. ट्रांसफार्मर किस नियम पर कार्य करता है?
     उत्तर - म्यूच्यूअल इंडक्शन पर।
     प्रश्न 3. ट्रांसफार्मर में मुख्य भाग कौन से हैं?
     उत्तर - प्राइमरी वाइंडिंगसैकेंड्री वाइंडिंगकोर
    प्रश्न 4. उस वाइंडिंग का नाम क्या है जिसमें सप्लाई दी जाती है?
     उत्तर - प्राइमरी वाइंडिंग
     प्रश्न 5. जिससे सप्लाई ली जाती है उस वाइंडिंग का क्या नाम है?
     उत्तर - सैकेंड्री वाइंडिंग।
     प्रश्न 6. लैमिनेटिड कोर का क्या फायदा है?
    उत्तर - कोर में EDDY CURRENT LOSS कम करता है।
     प्रश्न 7. कोर टाइप ट्रांसफार्मर में मैगनेटिक पाथ कितने होते हैं?
    उत्तर - एक।
     प्रश्न 8शैल टाइप ट्रांसफार्मर में चुम्बकीय रास्ते कितने हैं?
     उत्तर - दो
    प्रश्न 9. ट्रांसफार्मर अनुपात से आप क्या समझते हो?
            
     उत्तर - E2/E1=N2/N1=I1/I2

    प्रश्न 10. ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग में पैदा होने वाली ई०एम०एफ० का सूत्र बताओ
     उत्तर - E = 4.44Φmaxf N Volts
     प्रश्न 11. ट्रांसफार्मर में ट्रांसफार्मर आयल क्यों भरा जाता है?
     उत्तर - इंसूलेशन बढ़ाने व वाइंडिंग को ठंडी करने के लिए।
    प्रश्न 12ट्रांसफार्मर आयल के फ्लैश प्वाइंट से आप क्या समझते हैं?
     उत्तर - ऑयल वाष्प का इग्नीशन बिन्दु
     प्रश्न 13ट्रांसफार्मर आयल के फ्लैश प्वाइंट से आप क्या समझते हैं?
     उत्तर - वह तापक्रम जिस पर तेल आग पकड़ता है।
    प्रश्न 14ट्रांसफार्मर में ब्रीथर क्यों फिट किया जाता है?
    उत्तर - ट्रांसफार्मर को शुष्क हवा देने के लिए।
     प्रश्न 15. ट्रांसफार्मर के ऊपर कंजरवेटर क्यों लगता है?
     उतर- जब तेल गर्म होकर फैलता है तो उसको यह जगह देता है।
     प्रश्न 16ब्रीथर में क्या मैटीरियल भरा जाता है।
     त्तर - कैल्शियम क्लोराइड या सिलिका जैली*
     प्रश्न 17. एमरजेंसी रिलीज क्या होती है?
    उत्तर - ट्रांसफार्मर के ऊपर एक पाइप  होती है जो ट्रांसफार्मर को शार्ट सर्किट के समय फटने से बचाता है।
    18. नो लोड फ्लक्स और लोड फ्लक्स में क्या संबंध है?
    उत्तर - जो फलक्स बिना लोड पर होता है वही लोड पर होता है।
     प्रश्न 19. ट्रांसफार्मर में नो लोड करंट के क्या कार्य हैं?
     उत्तर - फ्लक्स पैदा करती है तथा आयरन व कॉपर लॉस पूरे (Compensate) करती है।
     प्रश्न 20. जब सैकेंड्री साइड पर लोड बढ़ाया जाता है तो प्राइमरी पर क्या असर होता है?
     उत्तर - प्राइमरी में करंट बढ़ जाता है।
     प्रश्न 21. आयरन लॉस मालूम करने के लिए कौन सा टैस्ट किया जाता है?
     उत्तर - ओपन सर्किट टैस्ट।
     प्रश्न 22कॉपर लॉस मालूम करने के लिए कौन सा टैस्ट किया जाता है?
     उत्तर - शार्ट सर्किट टैस्ट।।
    प्रश्न 23. ओपन सर्किट टैस्ट में कॉपर लॉस क्यों छोड़ देते हैं?
    उत्तर - नो लोड करंट के कम होने के कारण।
    प्रश्न 24शार्ट सर्किट टैस्ट में आयरन लॉस क्यों छोड़ देते हैं?
    उत्तर - क्योंकि प्राइमरी वाइंडिंग में बहुत कम वोल्टेज होती है और आयरन लॉस वोल्टेज (फ्लक्स) के समानुपाती होते हैं।
    प्रश्न 25, आटो ट्रांसफार्मर लो वोल्टेज पर ही क्यों प्रयोग किए जाते हैं?
     उत्तर - क्योंकि प्राइमरी और सैकेंड्री एक ही वाइंडिंग की होती हैं।
     प्रश्न 26. आटो ट्रांसफार्मर के मुख्य लाभ क्या हैं?
     उत्तर - कॉपर (तांबे) की बचत।।
    प्रश्न 27सी०टी० तथा पी०टी० से आप क्या समझते हैं?
    उत्तर - सी०टी० करंट ट्रांसफार्मर को कहते हैं जो कि अधिक करंट नापने के काम आता है। पी०टी० (पोटेंशियल ट्रांसफार्मर)को कहते हैं जोकि अधिक वोल्टेज (H.T. पर) नापने के काम आता है।
    प्रश्न 28. करंट व वोल्टेज की सीमा बताओ जिससे ऊपर सीटी व पी०टी० प्रयोग करते हैं?
     उत्तर - 60 A, 750 V 
    प्रश्न 29. सी०टी० से एम्पियर मीटर अलग करते समय क्या-क्या सवधानियाँ रखनी पड़ती हैं?
    उत्तर - सैकेंड्री शार्ट होनी चाहिए।





    निम्नलिखित प्रश्नों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

    1. एक ट्रांसफार्मर की प्राइमरी और सेकेन्ड्री वोल्टेजों के बीच फेज अन्तर होता है
    (a) 90°
    (b) 0o
    (c) 180°
    (d) 30° व 60° के मध्य

    2. किसी ट्रांसफार्मर की दक्षता ज्ञात करने के लिए आउटपुट-इनपुट नापने वाली विधि कठिन होती है क्योंकि
    (a) आउटपुट sinusoidal होती है और नापी नहीं जा सकती।
     (b) ट्रांसफार्मर की दक्षता सामान्यता बहुत अधिक होती है और इसलिए बहुत शुद्ध नापने की आवश्यकता
    होती है।
     (c) हानियाँ असामान्य रूप से अधिक होती है।
    (d) आउटपुट इनपुट की अपेक्षा आउट ऑफ फेज होती है।

    3. एक ट्रांसफार्मर के फुल लोड आयरन लॉस 900 W और कॉपर लॉस 1600 W है। कितने % लोड पर ट्रांसफार्मर अधिकतम दक्षता देगा?
     (a) 100%
    (b) 50%
     (c) 75%
     (d) 90%

    4. ट्रांसफार्मरों को समानान्तर में चलाने के लिए कौन-सी अवस्था आवश्यक है?
     (a) इनकी kVA रेटिंग समान होनी चाहिए।
    (b) इन्हें समान फ्रीक्वेंसी पर चलाना चाहिए।
    (c) इनकी वोल्टेज रेटिंग लोड शेयरिंग के अनुपात अनुसार होनी चाहिए
    (d) इनकी ट्रान्सफॉर्मेशन अनुपात भार साझेदारी के अनुपात अनुसार होनी चाहिए

     5. ट्रांसफार्मर के ब्रीदर में प्रयुक्त रसायन

     (a) नमक
    (b) पानी
    (C) खनिज कूल
    (d) सिलिका जल

     6. ट्रांसफार्मरों में कौन-सी हानियाँ लोड के साथ परिवर्तित होती हैं?
    (a) कॉपर हानियाँ
    (b) कोर हानियाँ
    (C) ऐडी करेन्ट हानियाँ
    (d) हिस्टेरिसिस हानियाँ

    7. ट्रांसफार्मर के किस भाग में सबसे अधिक गर्मी उत्पन्न होती है?
    (a) कोर
    (b) फ्रेम
    (C) आयल
    (d) वाइंडिंग

     8. यदि एक ट्रांसफार्मर के कोर में फ्लक्स घनत्व को बढ़ा दिया जाए तो
    (a) ऐडी करेन्ट हानियाँ कम होंगी
    (b) सेकन्ड्री साइड की वेव का आकार गड़बड़ा जाएगा।
    (c) ट्रांसफार्मर का आकार कम किया जा सकता है ।
    (d) सेकेन्ड्री वाइंडिंग की फ्रीक्वेंसी परिवर्तित हो जाएगी

    9. ट्रांसफार्मर की प्राइमरी और सेकेन्ड्री क्वाइलों में सदैव
    (a) तार का एक ही साइज होता है
    (b) फेरों की संख्या अलग-अलग होती है।
    (c) मैग्नेटिक सर्किट एक ही होता है
    (d) मैग्नेटिक सर्किट अलग-अलग होता है।

    10. ट्रांसफार्मर पर ओपन सर्किट टेस्ट करने से हमें
    (a) कॉपर हानियाँ प्राप्त होती हैं।
    (b) ऐडी करेन्ट हानियाँ प्राप्त होती हैं।
    (c) हिस्टेरिसिस और ऐडी करेन्ट हानियाँ का योग प्राप्त होता है।
    (d) हिस्टेरिसिस हानियाँ प्राप्त होती हैं।

    11. किसी ट्रांसफार्मर में अधिकतम दक्षता प्राप्त करने की दशा होती है
    (a) कॉपर हानियाँ = आयरन हानियाँ
    (b) कोर हानियाँ = हिस्टेरिसिस हानियाँ
    (C) हिस्टेरिसिस हानियाँ = ऐडी करेन्ट हानियाँ
    (d) कुल हानियाँ = कॉपर हानियाँ

    12. ट्रांसफार्मर की ब्रीदर का कार्य होता है
    (a) ट्रांसफार्मर ऑयल को फिल्टर करना है।
    (b) ठण्डी हवा का प्रबन्ध करना है।
    (C) कूलिंग ऑयल को ऑक्सीजन प्रदान करना है।
    (d) जब बाहर से हवा ट्रांसफार्मर में प्रवेश करे तब हवा से नमी को सोखना है।

    13. ट्रांसफार्मर का e.m.f. मान किस पर निर्भर करता है?
    (a) फ्रीक्वेंसीटर्नो की संख्या और फ्लक्स के बराबर
    (b) टर्नो की संख्या के वर्ग और फ्रीक्वेंसी के बराबर
    (c)  टर्नो  की संख्या और फ्रीक्वेंसी के वर्ग के बराबर
    (d)  टर्नो  की संख्याफ्रीक्वेंसी और फ्लक्स के वर्ग बराबर

    14स्टेपडाउन ट्रांसफार्मर में प्राइमरी वाइंडिंग में  टर्नो  की संख्यासेकेन्ड्री वाइंडिंग में  टर्नो  की संख्या की अपेक्षा
    (a) कम होंगे।
     (b) अधिक होंगे।
    (C) बराबर होंगे
    (d) एक टर्न कम होगा


    उत्तरमाला 1. (c), 2. (b), 3. (c), 4. (b), 5. (d), 6. (a), 7. (d), 8. (c), 9. (C), 10. (C), 11. (a), 12. (d), 13. (a),  14. (b)

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