मुकम्बल हो इश्क़ जरूरी थोड़ी ना है शाजहाँ ने मुमताज के नाम पे ताज महल बनवाया अब हम भी तेरे इश्क़ में  ताज महल बनवाये ये जरूरी थोड़ी ना है 
                      ✍️ध्रुव श्रीवास्तव✍️

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