खुद से दूर जाने लगे है साहब जो नजर झुकाया करते थे अब ओ नजर दिखाने लगे है सहब जो दिये मेरे लिए लंबी उम्र का  जलाया करते थे अब वही  दिये बुझाने लगे है साहब 
                 ✍️ध्रुव श्रीवास्तव✍️

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