पसंद ना पसंद उसकी मर्जी हमने तो सिर्फ उसे चाहा है  फितरत थी की मिल जाय  हमे पर कहा चलती सबपे अपनी मर्जी 
                   ✍️ ध्रुव श्रीवास्तव✍️

टिप्पणियाँ

लोकप्रिय पोस्ट