तुम हुस्न पे इतना गुमान करती हो  हम उसी हुस्न के खरीदार बैठे है इस हुस्न की जो किमत लगी तो तेरे जैसे इस बाजार में तो हजारो नीलाम बैठी है 
                   ✍️ध्रुव श्रीवास्तव✍️

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