इश्क़ समुन्दर है और समुन्दर का कोई किनारा नही होता और अपनों से कौन रूठता है यार अब ये कहने के लिए भी किसी का सहारा नही होता 
                    ✍️ध्रुव श्रीवास्तव✍️

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